देहरादून में एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, सिमलास ग्रांट में अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर

- बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर प्राधिकरण सख्त, कई बीघा भूमि पर ध्वस्तीकरण
देहरादून। देहरादून में अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत सिमलास ग्रांट स्थित ग्राम झड़ौंद में विभिन्न लोगों द्वारा की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर संयुक्त सचिव प्रत्यूस सिंह के निर्देशों पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान कई बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के निर्माण कार्यों को ध्वस्त किया गया। एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से काटे जा रहे प्लॉट, बनाई जा रही सड़कें और अन्य निर्माण कार्यों को जेसीबी मशीनों की सहायता से ध्वस्त किया। संयुक्त सचिव प्रत्यूस सिंह ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत लेआउट और मानचित्र के किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग या कॉलोनी विकसित करना नियमों का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
कई अवैध प्लॉटिंग स्थलों पर हुई कार्रवाई
संयुक्त सचिव प्रत्यूस सिंह द्वारा जारी जानकारी के अनुसार विजय थापा द्वारा ग्राम झड़ौंद, सिमलास ग्रांट में लगभग 8 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। वहीं सुन्दर पाल और राजेन्द्र पाल द्वारा लगभग 5 से 8 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी पर भी कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्यों को ध्वस्त किया गया। इसके अतिरिक्त जागीर और सजवाण द्वारा लगभग 2 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी प्राधिकरण की टीम ने कार्रवाई की। राजेन्द्र सिंह बिष्ट द्वारा लगभग 3 से 4 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को भी ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से विकसित की जा रही सड़कों, सीमांकन और अन्य निर्माण गतिविधियों को हटाया गया।
अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं : बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृति भूमि का व्यावसायिक उपयोग और कॉलोनियां विकसित करना कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी भूखंड या प्लॉट को खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति और प्राधिकरण से स्वीकृति अवश्य जांच लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि एमडीडीए शहर के सुव्यवस्थित विकास और मास्टर प्लान के अनुरूप निर्माण कार्य सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई : मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां भी अवैध प्लॉटिंग या निर्माण की शिकायत मिल रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों के कारण भविष्य में आधारभूत सुविधाओं और यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ता है, इसलिए ऐसी गतिविधियों को रोकना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान सहायक अभियंता निशांत कुकरेती, अवर अभियंता जयदीप राणा और सुपरवाइजर सहित प्राधिकरण की टीम मौके पर मौजूद रही। एमडीडीए ने स्पष्ट किया कि आगे भी इसी तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

