कपाट बंद होते ही शीतकालीन प्रवास पर निकले बाबा रुद्रनाथ

गोपेश्वर (चमोली)। उच्च हिमालय में स्थित चतुर्थ केदार भगवान श्री रुद्रनाथ के कपाट शीतकाल के लिए शनिवार की देर सांय को बंद होने के बाद रविवार को बाबा की उत्सव डोली शीतकालीन प्रवास के लिए रवाना हो गई। कपाट बंद होने के साथ ही रुद्रनाथ धाम में ग्रीष्मकालीन यात्रा का समापन हो गया। वैदिक परंपराओं और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच बाबा की डोली को अगले पड़ाव के लिए विदा किया गया। डोली की यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली रविवार को देवलधार स्थित ज्वाला मंदिर पहुंची। यहां रात्रि प्रवास के बाद डोली सोमवार 19 अक्टूबर को गोपेश्वर स्थित श्री गोपीनाथ मंदिर पहुंचेगी। इसके साथ ही शीतकाल के दौरान भगवान रुद्रनाथ की पूजा-अर्चना गोपेश्वर में संपन्न होगी। श्रद्धालु अब शीतकाल में गोपीनाथ मंदिर पहुंचकर बाबा के दर्शन कर सकेंगे।
समुद्रतल से करीब 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित रुद्रनाथ धाम तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को दुर्गम पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम की आशंका के चलते सर्दियों में यहां नियमित पूजा-अर्चना संभव नहीं होती। इसी परंपरा के तहत हर वर्ष कपाट बंद होने के बाद भगवान की उत्सव डोली शीतकालीन प्रवास के लिए रवाना होती है।
रुद्रनाथ धाम की कपाट बंदी के साथ ही चारधाम यात्रा के उच्च हिमालयी पड़ावों पर शीतकाल का असर दिखाई देने लगा है। अब बाबा की पूजा और दर्शन की परंपरा शीतकालीन गद्दीस्थल गोपेश्वर में जारी रहेगी।

